🏆 मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धि: PESA नियमों के क्रियान्वयन में देश में दूसरा स्थान

📜 PESA Act क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है?
PESA अधिनियम, 1996 का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को स्वशासन का अधिकार देना है।
इस कानून के तहत—
- ग्राम सभा को सर्वोच्च इकाई माना गया
- जल, जंगल और जमीन से जुड़े निर्णयों में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की गई
- स्थानीय परंपराओं और संस्कृति की रक्षा का प्रावधान किया गया
PESA, वास्तव में आदिवासी स्वराज की संवैधानिक नींव है।
🏆 मध्य प्रदेश को दूसरा स्थान कैसे मिला?
पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी रैंकिंग में मध्य प्रदेश का दूसरा स्थान इस बात का संकेत है कि—
- PESA नियमों का संस्थागत क्रियान्वयन हुआ
- ग्राम सभा की बैठकें और निर्णय प्रक्रिया मजबूत हुई
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ा
- जागरूकता और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया
यह सब एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि लगातार प्रयासों का परिणाम है।
👥 PESA मोबिलाइज़र टीम की अहम भूमिका
अधिक जानकारी के लिए हमारा यह वीडियो देखें:
इस उपलब्धि की रीढ़ हैं PESA मोबिलाइज़र।
मोबिलाइज़र—
- गांव-गांव जाकर लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देते हैं
- ग्राम सभा को सक्रिय और सशक्त बनाते हैं
- प्रशासन और समुदाय के बीच सेतु का कार्य करते हैं
आज जो रैंकिंग सामने आई है, उसमें मोबिलाइज़र टीम की मेहनत साफ झलकती है।
🏛️ DC और BC की मेहनत रंग लाई
जिला कलेक्टर (DC) और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर (BC) स्तर पर—
- योजनाओं की निगरानी
- फील्ड स्तर पर समीक्षा
- ग्राम सभाओं को सहयोग
जैसे कार्यों ने PESA के क्रियान्वयन को गति दी।
यही कारण है कि नीति कागज से निकलकर जमीन तक पहुँची।
⚖️ उपलब्धि के साथ चुनौतियाँ भी
हालाँकि दूसरा स्थान बड़ी उपलब्धि है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ अब भी मौजूद हैं—
- कई ग्राम सभाओं को पूर्ण अधिकारों का इंतजार
- लघु वनोपज और भूमि मामलों में व्यावहारिक समस्याएँ
- मोबिलाइज़र से जुड़े मानदेय और संसाधन संबंधी मुद्दे
इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि
👉 यह उपलब्धि मंज़िल नहीं, बल्कि आगे की जिम्मेदारी है।
🚀 आगे की राह: पहला स्थान और सशक्त ग्राम स्वराज
आने वाले समय में आवश्यकता है—
- ग्राम सभा को निर्णय प्रक्रिया में और मजबूत करने की
- PESA नियमों के पूर्ण पालन की
- मोबिलाइज़र, युवाओं और जनप्रतिनिधियों को साथ लेकर चलने की
यदि यह प्रयास जारी रहे, तो मध्य प्रदेश का पहला स्थान पाना तय है।
🙌 निष्कर्ष
PESA के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश का दूसरा स्थान
आदिवासी स्वशासन, लोकतंत्र और ग्राम सभा की जीत है।
यह सफलता सभी के लिए प्रेरणा है कि
जब नीति + प्रशासन + समाज एक दिशा में काम करते हैं,
तो बदलाव निश्चित होता है।
जय ग्राम सभा
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